अबनाः पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र मज़ार को ध्वस्त करने और उनकी क़ब्र को किसी अज्ञात स्थान ले जाने की सऊदी योजना पर अलअज़हर की तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सऊदी अरब की ओर से पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) के पवित्र मज़ार को तोड़ने और उनकी पवित्र क़ब्र को मदीना के बक़ी नामक क़ब्रिस्तान में किसी अज्ञात स्थान पर ले जाने की योजना के सार्वजनिक हो जाने पर मिस्र के अलअज़हर विश्व विद्यालय की ओर से बहुत तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
अलआलम टीवी चैनेल की रिपोर्ट के अनुसार अलअज़हर विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति अहमद उमर हाशिम ने इस कार्य को पूर्ण रूप से हराम बताया है। अहमद उमर हाशिम ने बुधवार को अश्शुरूक़ समाचारपत्र को दिये अपने साक्षात्कार में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) के मज़ार को किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना पूर्ण रूप से हराम है। उन्होंने कहा कि इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार ईश्वरीय दूतों का जिस स्थान पर स्वर्गवास होता है उन्हें वहीं पर दफ़न किया जाता है। अलअज़हर विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति अहमद उमर हाशिम ने कहा कि किसी भी बहाने से, चाहे वह मस्जिदे नबवी के विस्तार का विषय ही क्यों न हो, पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) की क़ब्र को किसी भी अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।
4 सितंबर 2014 - 19:08
समाचार कोड: 635647
पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र मज़ार को ध्वस्त करने और उनकी क़ब्र को किसी अज्ञात स्थान ले जाने की सऊदी योजना पर अलअज़हर की तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।